एक संख्या जो बताती है कि हवा कितनी प्रदूषित है और सेहत के लिए उसका क्या मतलब है। भारत में AQI का अर्थ आमतौर पर CPCB का राष्ट्रीय AQI होता है, जो 0 से 500 तक चलता है।
मापनवायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) क्या है?
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक मानकीकृत संख्या है जो बताती है कि हवा कितनी प्रदूषित है। यह आधा दर्जन अलग-अलग प्रदूषकों के मापन को एक ऐसी संख्या, रंग और स्वास्थ्य श्रेणी में बदल देता है जिसे कोई भी एक नज़र में समझ सके — हरा रंग साफ़ हवा का, गहरा लाल आपात स्थिति का। सिंधु-गंगा के मैदानों में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए, जहाँ सर्दियों का स्मॉग हर साल हवा को सबसे खराब श्रेणियों तक पहुँचा देता है, यह वायु गुणवत्ता की सबसे महत्वपूर्ण संख्या है।
भारत में “AQI” का अर्थ लगभग हमेशा CPCB का राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक होता है, जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 0 से 500 के पैमाने पर प्रकाशित करता है और जिसे अख़बार, टीवी और SAFAR तथा समीर ऐप दिखाते हैं। मौसम ऑनलाइन भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के शहरों के लिए यही पैमाना दिखाता है। दूसरे देशों के शहरों के लिए हम US EPA AQI दिखाते हैं, जो भी 0 से 500 तक चलता है पर जिसकी श्रेणियों की सीमाएँ अलग हैं।
सुधार: सितंबर 2026 तक यह प्रविष्टि कहती थी कि मौसम ऑनलाइन यूरोपीय AQI (0–100+) का उपयोग करता है और उसी की श्रेणियाँ दिखाती थी। शहरों के पृष्ठ उससे पहले ही CPCB पैमाने पर आ चुके थे; अब यह प्रविष्टि वही बताती है जो वे पृष्ठ दिखाते हैं।
AQI की गणना कैसे होती है
हर प्रदूषक का एक तय अवधि का औसत लिया जाता है — PM2.5, PM10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और अमोनिया का 24 घंटे का, और ओज़ोन तथा कार्बन मोनोऑक्साइड का 8 घंटे का। हर औसत को एक उप-सूचकांक में बदला जाता है, और इनमें से सबसे ऊँचा उप-सूचकांक ही AQI बनता है। जिस प्रदूषक ने यह संख्या तय की, उसे प्रमुख प्रदूषक कहा जाता है। AQI तभी प्रकाशित किया जाता है जब कम से कम तीन प्रदूषकों का माप उपलब्ध हो और उनमें PM2.5 या PM10 शामिल हो।
दक्षिण एशिया में सबसे अहम प्रदूषक:
- PM2.5 — 2.5 माइक्रोमीटर से छोटे सूक्ष्म कण, जो फेफड़ों में गहराई तक और ख़ून में पहुँच जाते हैं। दुनिया भर में वायु प्रदूषण से होने वाली असमय मौतों का सबसे बड़ा कारण यही हैं।
- PM10 — 10 माइक्रोमीटर तक के मोटे कण: धूल, निर्माण का मलबा और पराग।
- ओज़ोन — धूप वाली दोपहरों में वाहनों और उद्योगों के धुएँ पर सूर्य के प्रकाश की प्रतिक्रिया से बनती है।
- नाइट्रोजन डाइऑक्साइड — वाहनों के इंजन और ईंधन जलने से।
- सल्फर डाइऑक्साइड — कोयला बिजलीघरों, रिफ़ाइनरियों और ईंट-भट्ठों से।
- कार्बन मोनोऑक्साइड — इंजनों, चूल्हों और आग में अधूरे दहन से।
- अमोनिया — मुख्यतः खाद और पशुपालन से; यह भारत के सूचकांक का हिस्सा है।
CPCB AQI की श्रेणियाँ
| AQI | श्रेणी | संभावित स्वास्थ्य प्रभाव (CPCB) | मौसम ऑनलाइन की सलाह |
|---|---|---|---|
| 0–50 | अच्छी | न्यूनतम प्रभाव | हवा बहुत साफ है — बाहरी गतिविधियों का आनंद लें। |
| 51–100 | संतोषजनक | संवेदनशील लोगों को साँस लेने में हल्की तकलीफ़ | हवा की गुणवत्ता स्वीकार्य है। संवेदनशील लोगों को हल्की असुविधा हो सकती है। |
| 101–200 | मध्यम | फेफड़ों, दमा और हृदय रोग वाले लोगों को साँस लेने में तकलीफ़ | संवेदनशील लोग लंबे समय तक बाहर शारीरिक श्रम कम करें। |
| 201–300 | खराब | लंबे समय तक संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को साँस लेने में तकलीफ़ | बाहरी गतिविधि सीमित करें। संवेदनशील लोग मास्क पहनें। |
| 301–400 | बहुत खराब | लंबे समय तक संपर्क में रहने पर श्वसन रोग | बाहर शारीरिक श्रम न करें। बाहर N95 मास्क पहनें। |
| 401–500 | गंभीर | स्वस्थ लोगों पर भी असर; पहले से बीमार लोगों पर गंभीर प्रभाव | घर के अंदर रहें। सभी को गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं। |
यह पैमाना 500 पर रुक जाता है — हवा चाहे कितनी भी खराब हो, CPCB का AQI इससे ऊपर नहीं जाता।
एक ही हवा, अलग-अलग संख्याएँ
CPCB और US EPA, दोनों पैमाने 0 से 500 तक चलते हैं और दोनों में छह रंग होते हैं, इसलिए इन्हें आपस में गड़बड़ाना आसान है — पर इनकी सीमाएँ अलग हैं। उदाहरण के लिए, 24 घंटे का PM2.5 औसत 30 µg/m³ होने पर CPCB AQI 50 (अच्छी) होता है, जबकि उसी हवा का US EPA AQI लगभग 90 (मध्यम) होता है। IQAir जैसे अंतरराष्ट्रीय ऐप आमतौर पर US पैमाना दिखाते हैं, इसलिए उनकी संख्या अख़बार में छपी संख्या से अलग हो सकती है।
दक्षिण एशिया में AQI
दुनिया की सबसे प्रदूषित हवा में से कुछ दक्षिण एशिया में है। IQAir की 2024 की विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत दुनिया के पाँच सबसे प्रदूषित देशों में शामिल थे, और दुनिया के बीस सबसे प्रदूषित शहरों में ज़्यादातर भारत के थे। इसके कारण जाने-पहचाने हैं:
- सर्दियों का तापमान व्युत्क्रमण (अक्टूबर–फ़रवरी) प्रदूषण को ज़मीन के पास ठंडी हवा की एक पतली परत में क़ैद कर देता है — देखें तापमान व्युत्क्रमण।
- पराली जलाना — अक्टूबर–नवंबर में पंजाब और हरियाणा का धुआँ पूर्व की ओर दिल्ली तक पहुँचता है।
- दिवाली के पटाखे — कुछ ही घंटों में PM2.5 को इतना बढ़ा देते हैं कि दिल्ली रातोंरात पैमाने के शीर्ष तक पहुँच सकती है।
- निर्माण की धूल और वाहनों का धुआँ — हर बड़े शहर में साल भर।
- कोयला बिजलीघर और ईंट-भट्ठे — एक स्थायी औद्योगिक आधार।
दिल्ली, कानपुर, पटना, लखनऊ और गाज़ियाबाद में सर्दियों में AQI अक्सर “खराब” या “बहुत खराब” श्रेणी में रहता है, और नवंबर के सबसे बुरे दिनों में दिल्ली “गंभीर” तक पहुँच जाती है।
बचाव के उपाय
- रोज़ AQI देखें — मौसम ऑनलाइन के हर शहर पृष्ठ पर AQI, उसका पैमाना, प्रमुख प्रदूषक, PM2.5 और PM10 के साथ स्वास्थ्य सलाह दी जाती है।
- श्रेणी के अनुसार सावधानी बरतें। “मध्यम” (101+) पर दमा, फेफड़ों या हृदय रोग वाले लोग लंबा बाहरी श्रम कम करें। “खराब” (201+) पर सभी बाहर कम समय बिताएँ और संवेदनशील लोग मास्क पहनें। “बहुत खराब” (301+) पर बाहर N95 मास्क पहनें। “गंभीर” पर घर के अंदर रहें।
- सही मास्क चुनें। ठीक से फ़िट होने वाला N95 मास्क ज़्यादातर सूक्ष्म कणों को रोक लेता है; कपड़े और ढीले सर्जिकल मास्क PM2.5 के ख़िलाफ़ बहुत कम काम करते हैं।
- खराब दिनों में खिड़कियाँ बंद रखें और सोने वाले कमरे में HEPA एयर प्यूरीफ़ायर चलाएँ।
- “खराब” या उससे बुरे दिनों में व्यायाम घर के अंदर करें — व्यायाम के दौरान हम सामान्य से छह से दस गुना ज़्यादा हवा साँस में लेते हैं।
- बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दमा, COPD या हृदय रोग वाले लोगों का विशेष ध्यान रखें। ऐसी कोई बीमारी हो तो दवा पास रखें और खराब हवा वाले दिनों में डॉक्टर की सलाह मानें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या हर देश में AQI एक जैसा होता है? नहीं। भारत CPCB का राष्ट्रीय AQI (0–500) इस्तेमाल करता है, अमेरिका EPA का AQI (यह भी 0–500, पर अलग सीमाओं के साथ) और यूरोप यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी का सूचकांक। मौसम ऑनलाइन भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के लिए CPCB पैमाना और बाकी जगह US EPA पैमाना दिखाता है, और हर शहर पृष्ठ पर संख्या के साथ पैमाने का नाम लिखा होता है।
मेरे फ़ोन और अख़बार का AQI अलग क्यों है? लगभग हमेशा इसलिए कि दोनों अलग पैमाने या अलग औसत-अवधि इस्तेमाल करते हैं। अंतरराष्ट्रीय ऐप अक्सर हाल के घंटों के आधार पर US पैमाना दिखाते हैं, जबकि भारतीय समाचार 24 घंटे के औसत पर आधारित CPCB पैमाना। तुलना करने से पहले देख लें कि किस पैमाने का नाम लिखा है।
सुरक्षित AQI कितना है? विश्व स्वास्थ्य संगठन का PM2.5 के लिए 24 घंटे का दिशानिर्देश 15 µg/m³ है, जो CPCB पैमाने पर लगभग 25 बैठता है — “अच्छी” श्रेणी के भीतर। CPCB पैमाने पर “अच्छी” (0–50) और “संतोषजनक” (51–100) वे श्रेणियाँ हैं जिनमें अधिकांश लोगों पर बहुत कम या कोई असर नहीं होता।
क्या PM2.5 सचमुच इतना हानिकारक है? हाँ। द लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ में प्रकाशित एक राष्ट्रीय अध्ययन ने 2019 में भारत में लगभग 16.7 लाख मौतों को वायु प्रदूषण से जोड़ा, जिनमें से ज़्यादातर सूक्ष्म कणों के कारण थीं। ये कण हृदय रोग, स्ट्रोक, फेफड़ों के कैंसर, COPD, दमा और जन्म के समय कम वज़न से जुड़े हैं।
मैं अपने शहर का AQI कहाँ देखूँ? मौसम ऑनलाइन के हर शहर पृष्ठ पर AQI, उसका पैमाना और प्रमुख प्रदूषक दिखाए जाते हैं — जैसे दिल्ली, लखनऊ, कानपुर और पटना।