हवा के तापमान और आर्द्रता को मिलाकर निकाला गया "महसूस होने वाला" तापमान। 36°C पर 70 प्रतिशत आर्द्रता हो तो ताप सूचकांक 52°C तक पहुँच जाता है — यह ख़तरनाक स्तर है।
मापनताप सूचकांक क्या है?
ताप सूचकांक (HI) वह संख्या है जो हवा के तापमान और सापेक्ष आर्द्रता को एक साथ जोड़कर बताती है कि इंसान के शरीर को असल में कितनी गर्मी लग रही है। इसे आभासी तापमान या रोज़मर्रा की भाषा में “महसूस होने वाला तापमान” भी कहा जाता है। थर्मामीटर केवल हवा का तापमान नापता है; वह यह नहीं बताता कि उसी हवा में आप अपने शरीर की गर्मी बाहर निकाल पाएँगे या नहीं। ताप सूचकांक ठीक यही दूसरी बात बताता है।
इसकी बुनियाद सीधी-सादी है। इंसान मुख्य रूप से पसीने से ठंडा होता है, और पसीना तभी ठंडक देता है जब वह त्वचा से वाष्पित हो जाए। आर्द्रता ऊँची हो तो वाष्पीकरण धीमा पड़ जाता है, पसीना त्वचा पर ही टिका रह जाता है और शरीर का भीतरी तापमान चढ़ने लगता है — जबकि थर्मामीटर पर अंक वही का वही रहता है।
सूखे 40°C वाले दिन में बेचैनी होती है, पर उसे झेला जा सकता है। वहीं 36°C और 70 प्रतिशत आर्द्रता वाले दिन का ताप सूचकांक 52°C बैठता है, और देर तक बाहर रहने वालों के लिए यह कहीं ज़्यादा ख़तरनाक है। दक्षिण एशिया का पाठक इस फ़र्क़ से साल में दो बार टकराता है — पहले मानसून से पहले की सूखी दोपहरों में, फिर मानसून की चिपचिपी हवा में।
पसीना, वाष्पीकरण और ताप सूचकांक का समीकरण
ताप सूचकांक को रॉबर्ट स्टीडमैन ने 1979 में तैयार किया था और अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा (US NWS) ने इसे गर्मी की सार्वजनिक चेतावनियों के लिए अपनाया। जो समीकरण आज दुनिया भर में चलता है, वह एक समाश्रयण सूत्र है जिसे लैंस रॉथफ़स (NWS, 1990) ने स्टीडमैन की तालिकाओं पर बैठाया था। यह हवा के तापमान (T, °F में) और सापेक्ष आर्द्रता (RH, प्रतिशत में) से HI निकालता है:
HI = -42.379 + 2.04901523*T + 10.14333127*RH
- 0.22475541*T*RH - 0.00683783*T² - 0.05481717*RH²
+ 0.00122874*T²*RH + 0.00085282*T*RH² - 0.00000199*T²*RH²
इस सूत्र के साथ दो शर्तें जुड़ी हैं, और इन्हें जाने बिना संख्या का मतलब ग़लत लगाया जा सकता है।
पहली शर्त अंशांकन की है। यह सूत्र छाँव में चलते हुए और हल्की हवा पाते हुए व्यक्ति के हिसाब से बना है। खुली धूप में वही हालात 8°C (15°F) तक ज़्यादा गर्म महसूस हो सकते हैं, यानी 40°C का ताप सूचकांक धूप में 48°C तक की गर्मी जैसा लग सकता है।
दूसरी शर्त सीमा की है। सूत्र तभी मान्य है जब हवा का तापमान 27°C या उससे ऊपर हो और सापेक्ष आर्द्रता 40 प्रतिशत या उससे ऊपर। इससे नीचे सूखी हवा कोई बड़ा ताप-दबाव नहीं डालती, इसलिए वहाँ ताप सूचकांक निकालने का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
ताप सूचकांक भारत और दक्षिण एशिया में
दक्षिण एशिया में यह संख्या दो बिलकुल अलग रूपों में सामने आती है, और दोनों से बचाव के तरीक़े भी अलग हैं।
सूखी भीतरी गर्मी — राजस्थान, सिंध, बलूचिस्तान, मध्य महाराष्ट्र। यहाँ हवा का तापमान 48 से 52°C तक चला जाता है, पर आर्द्रता अक्सर केवल 10 से 20 प्रतिशत रहती है। ऐसे में ताप सूचकांक हवा के तापमान के बराबर या उससे थोड़ा ही ऊपर बैठता है। पसीना यहाँ अपना काम करता रहता है, और सबसे बड़ा ख़तरा निर्जलीकरण का होता है, वाष्पीकरण रुक जाने का नहीं।
आर्द्र तटीय और मानसूनी गर्मी — मुंबई, कराची, कोलकाता, चेन्नई, ढाका, चटगाँव। यहाँ का तापमान सुनने में मामूली लगता है, 33 से 37°C, पर उसके साथ 70 से 85 प्रतिशत आर्द्रता जुड़ी रहती है। नतीजा यह कि ताप सूचकांक हवा के तापमान से कहीं ऊपर चढ़ जाता है। गर्मियों और मानसून की शुरुआत में ऊँचे ताप सूचकांक आम हैं, और वे अमेरिकी वर्गीकरण की “ख़तरा” श्रेणी तक पहुँच सकते हैं। पसीना इस हालत में ठीक से ठंडक नहीं दे पाता, और शारीरिक श्रम के दौरान लू लगने का जोखिम बहुत ऊँचा हो जाता है।
मानसून-पूर्व तटीय गर्मी (अप्रैल–मई) चेन्नई, विशाखापत्तनम और कराची में ऐसे ताप सूचकांक पैदा कर सकती है जो US NWS की “ख़तरा” श्रेणी में आते हैं।
पाकिस्तान के जैकोबाबाद का नाम इस सिलसिले में अलग से लिया जाता है। वहाँ 35°C गीला बल्ब तापमान दर्ज हो चुका है, जो 65°C से ऊपर के ताप सूचकांक के बराबर पड़ता है। धरती पर गिनी-चुनी जगहें ही उस सीमा तक पहुँची हैं जिसे वैज्ञानिक इंसान के “जीवित रहने की सीमा” कहते हैं।
खेत, निर्माण स्थल और कारख़ाने: ख़तरे की चार श्रेणियाँ
US NWS ताप सूचकांक को चार जोखिम-स्तरों में बाँटता है:
| ताप सूचकांक | जोखिम | स्वस्थ वयस्क पर असर |
|---|---|---|
| 80–90°F | सावधानी | लंबे परिश्रम से थकान संभव |
| 90–103°F | अत्यधिक सावधानी | ताप-ऐंठन और ताप-थकावट संभव |
| 103–124°F | ख़तरा | ताप-थकावट की पूरी आशंका; लू लगना संभव |
| 125°F या उससे ऊपर | अत्यधिक ख़तरा | लू लगने की बहुत प्रबल आशंका |
इन श्रेणियों का मतलब उस आबादी के लिए सबसे गहरा है जो छाँव में नहीं, खुले में कमाती है — खेत मज़दूर, निर्माण मज़दूर, रिक्शा और डिलीवरी चलाने वाले, सड़क किनारे के विक्रेता, और बिना वातानुकूलन वाले कारख़ानों के कामगार। इनके लिए 37°C का थर्मामीटर और 52°C का ताप सूचकांक दो अलग-अलग दिन हैं, भले अख़बार में एक ही अंक छपे।
व्यवहार में तालिका को इस तरह पढ़ें। 90°F से नीचे सामान्य रूप से पानी पीते हुए स्वस्थ वयस्क बाहर काम कर सकते हैं। 90 और 103°F के बीच नियमित अंतराल पर छाँव और पानी ज़रूरी है। 103 और 124°F के बीच बाहर रहने का समय छोटे-छोटे हिस्सों में बाँट लेना चाहिए। 125°F या उससे ऊपर आपात काम के अलावा बाहर कुछ भी न किया जाए।
घर के भीतर भी यही शरीर-विज्ञान लागू होता है। बिना किसी सक्रिय ठंडक के अंदर का ताप सूचकांक 35°C से ऊपर चला जाए तो ताप-थकावट और लू, दोनों का जोखिम बन जाता है — ख़ासकर मानसून की रातों में तटीय दक्षिण एशियाई शहरों के उन कमरों में जहाँ हवा की आवाजाही कम है।
IMD की लू चेतावनी वाले दिनों में, चाहे वह नारंगी हो या लाल, बाहर निकलने से पहले अनुभव तापमान देख लेना चाहिए। वह 42°C से ऊपर हो तो बाहर का काम गंभीर जोखिम मानकर ही करें।
ताप सूचकांक, गीला बल्ब और अनुभव तापमान: तीन अलग चीज़ें
गर्मी से जुड़े ये तीन शब्द अक्सर आपस में गड्डमड्ड कर दिए जाते हैं, जबकि इनके काम अलग हैं।
- ताप सूचकांक — तापमान और सापेक्ष आर्द्रता को जोड़ने वाला US NWS का एक अभियांत्रिकी सूत्र, जिसका मक़सद जनता के लिए चेतावनी जारी करना है।
- गीला बल्ब तापमान — यह सूत्र नहीं, एक भौतिक माप है: वह सबसे नीचा तापमान जहाँ तक वाष्पीकरण से ठंडक पहुँचाई जा सकती है। जलवायु वैज्ञानिक इसी का उपयोग करते हैं, और 35°C गीला बल्ब को इंसान के जीवित रहने की सीमा माना जाता है।
- अनुभव तापमान — मौसम ऐप्स में चलने वाला आम उपभोक्ता शब्द। ज़्यादातर ऐप गर्मियों में ताप सूचकांक और सर्दियों में विंड चिल दिखाते हैं। मौसम ऑनलाइन का “अनुभव तापमान” यह मिला-जुला तरीक़ा नहीं अपनाता: यह Open-Meteo का आभासी तापमान है, यानी एक ही सूत्र जो हवा का तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और सौर विकिरण को साथ जोड़ता है।
रोज़मर्रा के फ़ैसलों के लिए — आज दोपहर बाहर निकलूँ या नहीं — ताप सूचकांक सही पैमाना है। जलवायु-जोखिम के गहरे विश्लेषण के लिए वैज्ञानिक गीला बल्ब तापमान चुनते हैं।
मौसम ऑनलाइन हर दक्षिण एशियाई शहर के पन्ने पर हवा का तापमान और अनुभव तापमान (Open-Meteo का आभासी तापमान), दोनों दिखाता है। इन दोनों के बीच 5°C या उससे ज़्यादा का फ़ासला दिखे तो यह इशारा है कि बाहर मेहनत करना थर्मामीटर के अंक से कहीं ज़्यादा जोखिम भरा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आर्द्र गर्मी सूखी गर्मी से ज़्यादा ख़तरनाक क्यों है? पसीना तभी ठंडक देता है जब वह वाष्पित हो। ऊँची आर्द्रता वाष्पीकरण को धीमा या बंद कर देती है, पसीना गर्मी बाहर ले जाने के बजाय त्वचा पर ही रह जाता है, और शरीर का तापमान चढ़ता चला जाता है — हालाँकि हवा का तापमान बदला तक नहीं होता।
ताप सूचकांक छाँव का होता है या धूप का? US NWS का ताप सूचकांक छाँव और हल्की हवा मानकर निकाला जाता है। खुली धूप महसूस होने वाली गर्मी में 8°C तक और जोड़ सकती है, इसलिए 40°C का ताप सूचकांक धूप में 48°C तक की गर्मी जैसा लग सकता है।
क्या घर के भीतर भी ताप सूचकांक मायने रखता है? हाँ, शरीर-विज्ञान वही रहता है। बिना सक्रिय ठंडक के अंदर का ताप सूचकांक 35°C से ऊपर जाए तो ताप-थकावट और लू का ख़तरा बनता है, और यह ख़तरा मानसून की रातों में तटीय शहरों के कम हवादार कमरों में सबसे ज़्यादा रहता है।
बाहर काम के लिए कितना ताप सूचकांक “सुरक्षित” है? 90°F से नीचे सामान्य रूप से पानी पीते हुए स्वस्थ वयस्क काम कर सकते हैं। 90 से 103°F के बीच नियमित छाँव और पानी के विराम लें। 103 से 124°F के बीच बाहर का समय छोटा रखें। 125°F या उससे ऊपर आपात कामों को छोड़कर बाहर कुछ न करें।
अपने शहर का ताप सूचकांक कहाँ देखूँ? मौसम ऑनलाइन हर शहर पृष्ठ पर हवा के तापमान के साथ अनुभव तापमान दिखाता है — जैसे मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, कोच्चि, भुवनेश्वर, और सूखी गर्मी से तुलना के लिए जयपुर।