1991-2024 तक के 34 साल के रिकॉर्ड में बहराइच में मानसून की पहली लगातार बारिश औसतन 15 जून के आसपास पहुँचती है। लेकिन यह औसत है, इस साल का पूर्वानुमान नहीं।
आधे सालों में मानसून 8 जून से 21 जून के बीच आया — यही 13 दिन का दायरा असल में काम का आँकड़ा है। साल-दर-साल यह तारीख़ काफ़ी बदलती है, इसलिए सिर्फ़ औसत पर योजना बनाना ठीक नहीं।
बहराइच में मानसून — आम सवाल
बहराइच में मानसून कब आएगा?
Bahraich mein mansun kab aayega?
औसतन 15 जून के आसपास। आधे सालों में 8 जून से 21 जून के बीच। किसी एक साल की सही तारीख़ पहले से नहीं बताई जा सकती — जो बताया जा सकता है, वह यही दायरा है।
बहराइच में बारिश कब होगी?
Bahraich mein barish kab hogi?
साल की 1161 मिमी बारिश में से 84% जून से सितंबर के बीच गिरती है। सबसे ज़्यादा जुलाई में — 353 मिमी, लगभग 25 दिन बारिश के।
बहराइच में मानसून कितने दिन रहता है?
Bahraich mein mansun kitne din rehta hai?
आम तौर पर लगभग 116 दिन। वापसी औसतन 12 अक्टूबर के आसपास होती है।
मानसून आने पर क्या बदलता है
सबसे साफ़ बदलाव गर्मी में है। मई में दिन का औसत अधिकतम तापमान 37.5°C होता है; जुलाई तक यह 5.6°C गिर जाता है। बारिश के दिन भी बढ़ते हैं — जून से सितंबर में कुल मिलाकर लगभग 83 दिन बारिश होती है।
पिछले 12 साल
यह बहराइच का अपना रिकॉर्ड है, किसी क्षेत्रीय औसत का नहीं।
| साल | मानसून की शुरुआत | वापसी | कितने दिन |
|---|---|---|---|
| 2013 | 2 जून | 23 अक्टूबर | 143 |
| 2014 | 1 जुलाई | 23 अक्टूबर | 114 |
| 2015 | 21 जून | 3 सितंबर | 74 |
| 2016 | 17 जून | 15 अक्टूबर | 120 |
| 2017 | 16 जून | 2 अक्टूबर | 108 |
| 2018 | 27 जून | 21 सितंबर | 86 |
| 2019 | 19 जून | 6 अक्टूबर | 109 |
| 2020 | 28 मई | 3 अक्टूबर | 128 |
| 2021 | 10 मई † | 28 अक्टूबर | 171 |
| 2022 | 21 जून | 19 अक्टूबर | 120 |
| 2023 | 17 जून | 11 अक्टूबर | 116 |
| 2024 | 20 जून | 7 अक्टूबर | 109 |
† 2021 की तारीख़ इस रिकॉर्ड में सबसे जल्दी की है और बाक़ी सभी सालों से काफ़ी अलग पड़ती है। यह वही है जो नियम से निकला; किसी स्वतंत्र स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
ये आँकड़े कहाँ से आए
स्रोत: Open-Meteo का ऐतिहासिक मौसम संग्रह, जिसका डिफ़ॉल्ट मॉडल ERA5 और ERA5-Land पुनर्विश्लेषण को 2017 से ECMWF IFS HRES के साथ मिलाता है — 1991-2024 (34 साल)। Open-Meteo ERA5-Land से बारिश का डेटा नहीं देता, इसलिए बारिश के आँकड़े ERA5 और IFS से लिए गए हैं। तापमान रोज़ के अधिकतम और न्यूनतम तापमान का मासिक औसत है; बारिश महीने की कुल बारिश का औसत है। ग्रिड पर आधारित अनुमान किसी स्थानीय मौसम केंद्र के आँकड़ों से अलग हो सकता है। बहराइच के लिए इस्तेमाल किया गया ग्रिड बिंदु शहर से लगभग 4 किमी दूर है। मानसून की शुरुआत की तारीख़ें इसी स्रोत की रोज़ाना बारिश से निकाली गई हैं।
मानसून की शुरुआत की हमारी परिभाषा यह है: 1 मई या उसके बाद का वह पहला दिन, जिससे शुरू होने वाले पाँच दिनों में कम से कम 20 मिमी बारिश हो, उनके बाद के दस दिनों में कम से कम 30 मिमी, और उसी दिन से शुरू होने वाले तीनों दस-दिन के हिस्सों में से हर एक में कम से कम 20 मिमी। आख़िरी शर्त चक्रवातों को छाँटने के लिए है; इसे तब जोड़ा गया जब नियम के एक पुराने रूप ने मई 2021 के चक्रवात ताउते को एक-दूसरे से सैकड़ों किलोमीटर दूर चार शहरों में मानसून के आगमन के रूप में दर्ज कर लिया था। यह शर्त समस्या को कम करती है, पूरी तरह ख़त्म नहीं करती: जहाँ चक्रवात की बारिश के ठीक बाद जून भी गीला रहे, वहाँ नियम अब भी मई की तारीख़ दे सकता है। मानसून की वापसी उस आख़िरी दस-दिन के हिस्से का अंतिम दिन है जो 1 जून से 30 नवंबर के बीच शुरू हो और जिसमें कम से कम 20 मिमी बारिश हो।