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🌧️ मानसून

मानसून 2026 — भारत में कब आएगा, कितनी बारिश और राज्य-वार समय

मानसून 2026 का पूर्वानुमान — केरल में आगमन, उत्तर भारत तक का समय, बारिश की मात्रा और मध्य प्रदेश, गुजरात, यूपी, राजस्थान सहित सभी राज्यों के लिए विस्तृत गाइड।

मानसून 2026 — एक नज़र में

भारत का दक्षिण-पश्चिम मानसून हर साल जून की शुरुआत में केरल तट से शुरू होता है और अगले 30-40 दिनों में पूरे देश में फैल जाता है। 2026 में IMD (भारतीय मौसम विभाग) ने सामान्य से सामान्य से अधिक मानसून का पूर्वानुमान दिया है, जिसका मतलब है कि किसानों के लिए अच्छी खबर और शहरी जल आपूर्ति के लिए राहत। हालाँकि, मानसून का वितरण असमान रहेगा — कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का ख़तरा है, तो कहीं सूखे की संभावना। नीचे राज्य-वार और महीने-वार विस्तृत जानकारी दी गई है।

केरल में मानसून का आगमन — जून की शुरुआत

मानसून सामान्यतः 1 जून के आसपास केरल तट से प्रवेश करता है। 2026 में IMD ने 31 मई से 4 जून के बीच आगमन का पूर्वानुमान दिया है। केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में पहले 7-10 दिनों में भारी बारिश की संभावना है। तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और मंगलुरु जैसे शहरों में पहले हफ्ते 200-300 मिमी बारिश सामान्य है।

मध्य भारत — जून के अंत तक

मानसून मध्य भारत (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़) तक 15-25 जून के बीच पहुँचता है। जबलपुर, इंदौर, भोपाल, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों में जुलाई-अगस्त सबसे अधिक बारिश के महीने रहते हैं। गुजरात के तटीय इलाकों (सूरत, वडोदरा, नवसारी) में जून के अंत में मानसून सक्रिय हो जाता है। 2026 में मध्य भारत में सामान्य से 5-10% अधिक बारिश की संभावना है।

उत्तर भारत — जुलाई की शुरुआत

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में मानसून जुलाई के पहले हफ्ते तक पहुँच जाता है। दिल्ली में औसतन 30 जून से 7 जुलाई के बीच पहली मानसून वर्षा होती है। 2026 में पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के संयोजन से उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों (हिमाचल, उत्तराखंड) में जुलाई-अगस्त में भूस्खलन का ख़तरा है।

राजस्थान और पश्चिमी मरुस्थल

राजस्थान में मानसून जुलाई के मध्य तक पहुँचता है और सबसे पहले पूर्वी जिलों (अलवर, भरतपुर, कोटा) को प्रभावित करता है। थार रेगिस्तान के पश्चिमी इलाकों (बीकानेर, जैसलमेर) में बारिश बहुत कम होती है। 2026 में राजस्थान के लिए सामान्य मानसून का पूर्वानुमान है।

पूर्वोत्तर भारत — सबसे अधिक बारिश

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और बांग्लादेश की सीमा के क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम मानसून से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। चेरापूंजी और मॉसिनराम (मेघालय) दुनिया के सबसे अधिक बारिश वाले स्थान हैं — वार्षिक 11,000 मिमी से अधिक। 2026 में पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है, जिससे ब्रह्मपुत्र नदी में बाढ़ का ख़तरा बढ़ेगा।

मानसून की वापसी — सितंबर-अक्टूबर

मानसून सितंबर के दूसरे हफ्ते से उत्तर पश्चिम भारत से वापसी शुरू करता है और अक्टूबर के मध्य तक पूरी तरह से समाप्त हो जाता है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में फिर उत्तर-पूर्व मानसून (अक्टूबर-दिसंबर) सक्रिय होता है, जो चेन्नई जैसे शहरों की वार्षिक वर्षा का बड़ा हिस्सा देता है।

मानसून के दौरान सावधानियाँ

भारी बारिश के दौरान जलजमाव वाले इलाकों से बचें। मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, ढाका और कोलकाता जैसे शहरों में अचानक बाढ़ की घटनाएँ सामान्य हैं। बिजली गिरने का ख़तरा भी अधिक होता है — खुले मैदान या ऊँचे पेड़ों के नीचे शरण न लें। मच्छर जनित बीमारियाँ (डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया) मानसून के बाद बढ़ जाती हैं — पानी जमा होने न दें।

किसानों के लिए मानसून 2026

सामान्य से अच्छे मानसून का सीधा फायदा खरीफ फसलों (धान, सोयाबीन, कपास, मक्का) को होगा। हालाँकि बुवाई का सही समय राज्य के अनुसार अलग है — दक्षिण भारत में जून के पहले हफ्ते, मध्य भारत में जून के तीसरे हफ्ते, और उत्तर भारत में जुलाई की शुरुआत। मानसून की कमज़ोर शुरुआत वाले जिलों में देरी से बुवाई और सूखा-सहिष्णु किस्मों का चुनाव आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानसून 2026 कब आएगा?

IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 का केरल में आगमन 31 मई से 4 जून के बीच होने की संभावना है। मध्य भारत में 15-25 जून तक, और दिल्ली व उत्तर भारत में 30 जून से 7 जुलाई तक पहुँच जाएगा।

क्या 2026 में सामान्य से अधिक बारिश होगी?

IMD ने 2026 के लिए सामान्य से सामान्य से अधिक (LPA का 96-104%) मानसून का पूर्वानुमान दिया है। मध्य और पूर्वोत्तर भारत में थोड़ी अधिक बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर पश्चिम में सामान्य रहेगी।

मानसून कब वापस जाता है?

दक्षिण-पश्चिम मानसून सितंबर के दूसरे हफ्ते से वापसी शुरू करता है। उत्तर पश्चिम भारत से 15-20 सितंबर तक, मध्य भारत से अक्टूबर की शुरुआत में, और दक्षिण से अक्टूबर के मध्य तक पूरी तरह विदा हो जाता है।

मानसून का मेरे शहर पर क्या असर होगा?

अपने शहर के लिए विस्तृत मानसून पूर्वानुमान देखने के लिए हमारे शहर-विशिष्ट पेज देखें — जैसे मुंबई, दिल्ली, सूरत, जबलपुर, कोलकाता आदि।

मानसून के दौरान सबसे सुरक्षित कैसे रहें?

जलजमाव वाले इलाकों से बचें, खुले में बिजली गिरने से सावधान रहें, पानी उबाल कर पिएँ, मच्छर जनित बीमारियों से बचाव करें, और घर के आसपास पानी जमा होने न दें।

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